1. अटल एक्सप्रेसवे (Atal Expressway) और इंटरचेंज घोषणा
- घोषणा तिथि: 7 जुलाई 2026 (केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा)।
- अटल एक्सप्रेसवे मार्ग: यह एक्सप्रेसवे कोटा (राजस्थान) से शुरू होकर ग्वालियर (मध्य प्रदेश) और इटावा (उत्तर प्रदेश) तक जाएगा। यह राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ेगा।
- अनुमानित लागत: लगभग ₹15,000 करोड़।
- बालापुरा इंटरचेंज: कोटा के बालापुरा में एक इंटरचेंज बनाया जाएगा जो दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (NH-52) से जोड़ेगा।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (राजस्थान के सापेक्ष तथ्य):
- राजस्थान में लंबाई: 373.63 किमी। नया नाम: NH-148N. गुजरने वाले जिले: अलवर, दौसा, भरतपुर (डीग क्षेत्र सहित), सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी और कोटा।
- NH-52 मार्ग: फतेहपुर (सीकर) से जयपुर, टोंक, बूंदी होते हुए कोटा तक जाता है (पुराना नाम NH-12)।
2. वीरूपाक्ष रडार (Virupaksha Radar) का परीक्षण
- तकनीक: यह एक 'एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे' (AESA) रडार है, जिसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है।
- योजना: 'सुपर सुखोई योजना' के तहत भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 (Sukhoi-30) फाइटर जेट्स को अपग्रेड करने के लिए इस रडार को लगाया जा रहा है।
- प्रथम चरण: इसके तहत 84 सुखोई जेट्स को अपग्रेड किया जाएगा।
- राजस्थान में जुड़ाव: जोधपुर सैन्य हवाई अड्डे पर सुखोई-30 की 31वीं स्क्वाड्रन (नाम: 'द लॉयन') तैनात है, जहाँ इन अपग्रेड किए गए जेट्स की तैनाती की जाएगी।
- राजस्थान के प्रमुख सैन्य हवाई अड्डे: सूरतगढ़ (गंगानगर), नाल (बीकानेर - भूमिगत हवाई अड्डा), जैसलमेर, उत्तरलाई (बाड़मेर), फलौदी और जोधपुर।
3. इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के साथ समझौता
- समझौता: सौर ऊर्जा के विकास के लिए राजस्थान सरकार ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के साथ 'फ्रेमवर्क फॉर एक्शन' पर हस्ताक्षर किए हैं। राजस्थान इसका पहला साझेदार राज्य बना है।
- राजस्थान हरित ऊर्जा नीति 2024 के लक्ष्य (वर्ष 2029-30 तक):
- कुल हरित ऊर्जा लक्ष्य: 1,25,000 मेगावाट (125 गीगावाट)। सौर ऊर्जा: 90,000 मेगावाट। पवन एवं हाइब्रिड ऊर्जा: 25,000 मेगावाट।
- ऊर्जा संग्रहण (Storage): 10,000 मेगावाट।
- इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के प्रमुख तथ्य:
- स्थापना: 30 नवंबर 2015 (भारत और फ्रांस के प्रयासों से)।
- मुख्यालय: गुरुग्राम (हरियाणा)।
- राजस्थान के प्रमुख सोलर पार्क: पुगल (बीकानेर) - 2450 मेगावाट, भड़ला (फलौदी) - 2245 मेगावाट, नोख (जैसलमेर) - 920 मेगावाट।
4. ब्रिक्स वुमेन मिनिस्ट्रियल मीटिंग 2026 (ग्रास रूट्स लीडर्स अवार्ड)
- आयोजन स्थल: कोच्चि (केरल)।
- अवार्ड विजेता: नीरू यादव को जमीनी स्तर पर महिलाओं के नेतृत्व के लिए 'ग्रास रूट्स लीडर अवार्ड' से सम्मानित किया गया।
- नीरू यादव के बारे में: ये झुंझुनू जिले की बुहाना तहसील के लांबी अहीर गांव की सरपंच हैं। इन्हें "हॉकी वाली सरपंच" भी कहा जाता है। इन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) / यूनेस्को की महासभा को भी संबोधित किया है। इनका एक FPO (किसान उत्पादक संगठन) है जिसका नाम 'सच्ची सहेली' है।
- BRICS समूह तथ्य: 2006 में BRIC (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) के रूप में स्थापना हुई और 2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने पर यह 'BRICS' बना।
5. मुख्यमंत्री युवा सुयोग योजना
- शुभारंभ तिथि: 10 जुलाई 2026 से। पायलट प्रोजेक्ट स्थल: बगरू (जयपुर) और बारां जिला। उद्देश्य: स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना।
- शामिल खेल (कुल 4 खेल): क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल और कबड्डी (खो-खो इसमें शामिल नहीं है)।
- आयोजन चरण: 5 चरणों में टूर्नामेंट होगा। 1 से 31 अगस्त तक वार्ड स्तर पर मैच होंगे और 1 से 15 सितंबर तक विधानसभा स्तर पर नॉकआउट, सेमीफाइनल और फाइनल मैच खेले जाएंगे।
6. यू-डाइस (UDISE+) 2025-26 रिपोर्ट
यह शिक्षा विभाग द्वारा जिला स्तर पर संकलित कंबाइंड शिक्षा रिपोर्ट है।
- माध्यमिक स्तर पर लड़कियों (बालिकाओं) का ड्रॉप आउट दर: 6.8% माध्यमिक स्तर पर लड़कों (बालकों) का ड्रॉप आउट दर: 8.1% (माध्यमिक स्तर का कुल औसत ड्रॉप आउट 7.5% है)।
- अन्य स्तरों पर ड्रॉप आउट दर: प्राथमिक स्तर पर 3.6%, मिडिल स्तर पर 4.4%.
- राजस्थान में शिक्षा की स्थिति (रिपोर्ट के अनुसार):
- कुल स्कूल: लगभग 1,66,445 (सरकारी व निजी दोनों शामिल)। कुल शिक्षक: 7,93,158 | कुल विद्यार्थी: लगभग 1.59 करोड़।
- राज्य में 7,200 स्कूल ऐसे हैं जहाँ केवल 1 शिक्षक है। 140 स्कूल ऐसे हैं जहाँ 0 विद्यार्थी हैं (वहाँ 189 शिक्षक कार्यरत हैं)।
- 92.4% स्कूलों में बिजली कनेक्शन है, जिनमें से 91.5% कार्यशील (Working) हैं।
7. एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026
- आयोजन: 8 से 13 सितंबर 2026 तक चीन में।
- राजस्थान से चयन: भारतीय जूनियर बैडमिंटन टीम में जयपुर (राजस्थान) के 3 शटलर्स (खिलाड़ियों) का चयन हुआ है:
- अवनी राठौड़
- अंशुमन चौधरी
- मनन शर्मा
8.क्लाइमेट व ग्रीन हाउस गैस रेफरेंस स्टेशन की स्थापना
थार मरुस्थल में जलवायु परिवर्तन, तापमान वृद्धि और ग्रीन हाउस गैसों (मुख्यतः कार्बन डाइऑक्साइड व मीथेन) के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए एक स्टेशन स्थापित किया जा रहा है।
- स्थान: बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय (BTU), बीकानेर।
- सहयोग: भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे।

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